हर ऑटो एंथुजिएस्ट के सामने एक सवाल हमेशा आता है जो है; एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) और क्रॉसओवर (क्रॉसओवर यूटिलिटी व्हीकल) के बीच का अंतर क्या है?
आपने ऑटो जानकारों से सुना होगा कि एसयूवी की तुलना में क्रॉसओवर अधिक बेहतर मशीन हैं। हालाँकि, यह एक बात कुछ हद तक सही है ; लेकिन अब २०२० के दशक में चीजें बहुत बदल गई हैं । भारत में पिछले १० वर्षों में एसयूवी कारों की मांग काफी बढ़ चुकी है । एसयूवी अब भारत में सभी पैसेंजर कार सेगमेंट को पछाड़ देती हैं| २०२० के दशक की शुरुआत में एसयूवी न केवल अपनी ऑफ-रोडिंग क्षमताओं के लिए बल्कि शहर के यातायात को तय करने के लिए भी लोकप्रिय हो गई है। भले ही आप जानते हों, हर कार बॉडी टाइप के अपने फायदें और कमियां होती हैं, आइए एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) और क्रॉसओवर (क्रॉसओवर यूटिलिटी व्हीकल) दोनों की तुलना करें।
कार बॉडी
सीयूवी और एसयूवी के बीच सरल अंतर यह है के एसयूवी एक ट्रक के प्लेटफॉर्म पर असेम्ब्ल की जाती है जबकि क्रॉसओवर कार के प्लेटफॉर्म पर आधारित होती हैं। एसयूवी रियर-व्हील या फोर-व्हील ड्राइव पर आधारित होती हैं ; जहां बॉडी को फ्रेम के ऊपर चढ़ाया जाता है| एसयूवी को ट्रकों की तरह ही चलाया जाता है।
ऑटो कार निर्माताओं ने मोनोकोक चेसिस पर ओल -व्हील ड्राइव या फ्रंट व्हील ड्राइव का उत्पादन करना शुरू किया, इसलिए कार हल्की हो गई और उपयोगकर्ता के अनुकूल वाहन बनाये गए, परिणाम एक नई शेरनी का जन्म हुआ जिसे; क्रॉसओवर या क्रॉसओवर एसयूवी कहा जाता है। एसयूवी की तुलना में क्रॉसओवर का ग्राउंड क्लीयरेंस कम होता है इसलिए एसयूवी की तुलना में क्रॉसओवर की हैंडलिंग बेहतर होती है और एक लम्बी गाडी बनती जो दिखने में भी ख़ूबसूरत होती है । हालांकि कई विक्रेता बंधू, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ अक्सर यूनीबॉडी वाहनों को एसयूवी के कहते हैं, भले ही वे परिभाषा के अनुसार वे क्रॉसओवर होती है । एसयूवी शब्द का प्रयोग अक्सर सीयूवी और एसयूवी दोनों के लिए किया जाता है।
राइड और हैंडलिंग
एसयूवी को संभालना मुश्किल है क्योंकि उसकी सेंटर ऑफ़ ग्रेविटी ऊँची होती हैं जो मोड़ पर स्थिर नहीं रहती और एसयुवी को तेजरफ़्तार के दौरान काफी संभल कर मोड़ लेना पड़ता हैं । एसयूवी की बड़ी बॉडी बड़ी मात्रा में ड्रैग और मैकेनिकल जटिलता उत्पन्न करती है। क्रॉसओवर को ड्राइविंग एंथोसिएस्ट ज्यादा पसंद करते है, वे अधिक फुर्तीली, चलने में अधिक मजेदार होती है और तो और एसयूवी की तुलना में बेहतर राइड क्वालिटी और हैंडलिंग प्रदान करती है। एसयूवी रियर व्हील या फोर- व्हील ड्राइव होती हैं जबकि क्रॉसओवर फ्रंट व्हील, रियर व्हील और ऑल-व्हील ड्राइव विकल्पों में उपलब्ध होती है। एसयूवी में क्रॉसओवर की तुलना में अधिक शक्तिशाली इंजन होते हैं।
केबिन
एसयूवी में सीटिंग पोजीशन ऊंची होती है; जो रोड, बोनट और ट्रैफिक को देखने में मदद करती है और यही एसयूवी खरीदारों का मुख्य कारण है। कोई भी कार बॉडी टाइप; एसयूवी की रोड प्रेसेंस को मात नहीं दे सकती है और यही चीज़ एसयूवी के सेल्स को आगे बढाती है | एसयूवी में थोड़ा लंबा व्हीलबेस होता है जिसकी वजह से अधिक लेगरूम और कार्गो मिलता है। एसयूवी के केबिन की ऊंचाई है ज्यादा होती है जिसके वजह से आलीशान हेडरूम मिलता है | एसयूवी निश्चित रूप से एक विशाल गाडी लगती है । एसयूवी चौड़ी होती हैं जो सीट की दूसरी पंक्ति में बच्चों के लिए थोड़ी अधिक जगह प्रदान करती हैं। एसयूवी की तुलना में क्रॉसओवर अधिक आरामदायक हैं। क्रॉसओवर कम ऊँची होने के कारण एसयूवी की तुलना में कार्गो में भारी सामान उठाना और लोड करना आसान हो जाता है।
ईंधन की खपत
एसयूवी का वजन आमतौर पर क्रॉसओवर से अधिक होता है इसलिए वे उतनी अच्छी माइलेज नहीं दे पाती । क्रॉसओवर एसयूवी की तुलना में बेहतर औसत के साथ काफी फुर्तीला ड्राइविंग अनुभव कराती है । हल्के वजन के कारण क्रॉसओवर में ईंधन की खपत भी कम होती है; जो एसयूवी के मुकाबले बड़ा फायदा है। यही वजह है कि शहर के खरीदार क्रॉसओवर को अधिक पसंद करतें हैं।
डिज़ाइन
एसयूवी का लुक काफी गुस्सैला होता है इसीलिए एसयूवी की रोड प्रेसेंस अद्भुत होती है। क्रॉसओवर की तुलना में एसयूवी का लुक ज्यादा रफ एंड टफ होता हैं |
अंतिम निर्णय
एसयूवी उन खरीदारों के लिए फायदेमंद है जो गांवों में रहते है । शहर के खरीदारों को निश्चित रूप से एक क्रॉसओवर को बढ़ावा देना चाहिए । एसयूवी में ऊँची सीटिंग पोजीशन होती है, कहीं भी जाने की क्षमता और गुस्सैल लुक के साथ आती है लेकिन बुरे माइलेज और राइड क्वालिटी के कारण पिछड़ जाती है और इसीलिए रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में एसयूवी एक अच्छा विकल्प नहीं बन पाती |
आप किसको चलना पसंद करोगे एसयूवी या क्रॉसओवर , कमेंट कर के जरुर बताएं !